अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो "लक्ष्य मूल्य" (Target Price) सुनना आम बात है। यह वो मूल्य है जिस तक किसी शेयर के पहुँचने की उम्मीद लगाई जाती है, आमतौर पर विश्लेषक या निवेशक द्वारा। लक्ष्य मूल्य तय करने से आपको खरीदने, बेचने या होल्ड करने का साफ प्लान मिलता है। पर याद रखें—यह भविष्यवाणी है, गारंटी नहीं।
सबसे सरल तरीका: अनुमानित EPS (प्रति शेयर कमाई) × अनुमानित P/E अनुपात। उदाहरण: अगर कंपनी का अनुमानित EPS 20 रुपये है और आप उचित P/E 15 मानते हैं, तो लक्ष्य मूल्य = 20 × 15 = 300 रुपये। इस पद्धति से आप जल्दी से कई शेयरों का लक्ष्य निकाल सकते हैं।
दूसरे पहलू भी देखें — कंपनी की ग्रोथ, इंडस्ट्री का मूड, ब्याज दरें, और मैक्रो इकॉनमी। कभी-कभी तकनीकी रेजिस्टेंस और सपोर्ट भी लक्ष्य तय करने में मदद करते हैं।
लक्ष्य मूल्य आपको ट्रेडिंग प्लान बनाने में मदद करता है: कब लें प्रॉफिट, कब रखें स्टॉप-लॉस, और कब रणनीति बदलें। पर इसे अकेले आधार मत बनाइए। मार्केट मेन्टलिटी बदलती है, परिणामस्वरूप लक्ष्य जल्दी बदल सकते हैं।
जोखिम प्रबंधन जरूरी है: हमेशा एक वैकल्पिक निचला लक्ष्य रखें (स्टॉप-लॉस) और निवेश का केवल वह हिस्सा लगाएं जिसे आप खोने की स्थिति में सहन कर सकें। किसी एक रिपोर्ट पर पूरी तरह निर्भर न हों — कम से कम दो-तीन स्रोत मिलाकर निर्णय लें।
एक व्यवहारिक चेकलिस्ट जो आप तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं:
हमारी साइट पर "लक्ष्य मूल्य" टैग वाले आर्टिकल्स में आपको बाजार समाचार, IPO अपडेट और शेयर टिप्स मिलेंगे। उदाहरण के लिए IPO और बाजार छुट्टियों जैसी खबरें निवेश के समय तालमेल बनाने में मदद करती हैं।
आखिरी सलाह — लक्ष्य मूल्य को एक दिशा-निर्देश समझें, फिक्स्ड नियम नहीं। नियमित रूप से अपना लक्ष्य रिव्यू करें और नई जानकारी मिलने पर अपडेट कर दें। अगर आप चाहें, तो किसी विश्लेषक के लक्ष्य को अपनी रिसर्च के साथ क्रॉस-चेक करके ही फाइनल निर्णय लें।
अगर आप चाहें, तो इस टैग के लेखों को पढ़कर वर्तमान बाजार की कहानियाँ और अलग-अलग शेयरों के अनुमान देख सकते हैं — इससे आपके निर्णय और मजबूत होंगे।
एशियन पेंट्स के स्टॉक में 4% गिरावट, कमजोर Q1 परिणामों के बाद घटा लक्ष्य मूल्य
भारत की प्रमुख पेंट कंपनी एशियन पेंट्स का शेयर मूल्य कमजोर Q1FY25 के परिणामों के बाद 4.24% गिरकर Rs 2,848.15 प्रति शेयर पर पहुंच गया। गर्मी की लहरों और आम चुनावों जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों ने मांग को प्रभावित किया। इस प्रदर्शन के बाद अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेजों ने स्टॉक का लक्ष्य मूल्य घटाया है।