मलयालम फिल्म उद्योग ने पिछले दशक में कम बजट में बड़े असर वाली फिल्में बनाकर सबका ध्यान खींचा। यहीं से आर्ट‑हाउस से लेकर मास ऑडियंस तक की कहानी जुड़ती है। क्या कारण है कि हिंदी और अंतरराष्ट्रीय दर्शक भी अब इन फिल्मों पर नज़र रखते हैं? कारण साफ़ है — सच्ची कहानियाँ, मजबूत अभिनय और प्रयोगशील निर्देशन।
पहला, वास्तविक जीवन पर आधारित कहानियाँ। दूसरी बात, तकनीक और साउंड डिज़ाइन में बड़ा निवेश। तीसरा, OTT प्लेटफॉर्म ने छोटे निर्देशकों को दर्शकों तक पहुँचाने का रास्ता खोला है। मलयालम फिल्मों में स्थानीय टच रहता है, पर ट्रीटमेंट ऐसा होता है कि भावनाएँ सीमा पार कर जाती हैं।
क्या आप नए दर्शक हैं तो किस तरह फिल्म देखें? थिएटर में अनुभव अलग होता है — साउंड और भीड़ वाली प्रतिक्रिया कामरोम को जीवंत बनाती है। OTT पर देखना सुविधाजनक है और कई एक्स्पेरिमेंटल फिल्में वहीं बेहतर चलती हैं। ट्रेलर देखकर तय करें कि क्या आप कहानी, स्टाइल या कलाकार देखने जा रहे हैं।
कुछ नाम बार‑बार चर्चा में आते हैं: निर्देशक जैसे लिजो जोस पेलिसेरी, दिलीप पथान‑प्रवृत्त निर्देशक, जीथू जोसेफ और अन्य जिन्होंने विविध शैली दिखाई। एक्टर्स में मोहम्मद मनोज, फैहद फाजिल, दुल्कर सलमान, प्रभास? (नोट: प्रभास मोटी रूप से तेलुगु स्टार हैं) — असल में बड़े नामों के साथ नए फेस भी आते रहे हैं। ध्यान रखें: नामों की सूची बदलती रहती है, इसलिए ताज़ा खबरों के लिए इंडस्ट्री अपडेट देखें।
कौन‑सी फिल्में देखनी चाहिए अगर आप शुरुआत कर रहे हैं? कुछ सुझाव: "ड्रिश्यम" (थ्रिलर), "कुम्भलंगी नाइट्स" (रिश्तों की बारीकियाँ), "प्रेमम" (युवा प्रेम), "अंगमली डायरीज" (स्थानीय रंग), और "जल्लिकट्टु" (प्रयोगशील क्रेज)। ये फिल्में शैली और कहानी दोनों में विविधता दिखाती हैं।
अगर आप क्रिएटर हैं तो क्या करें? छोटी फिल्मों से शुरू करें, मजबूत स्क्रिप्ट पर काम करें और लोकल क्रू के साथ जुड़ें। फेस्टिवल सर्किट जैसे International Film Festival of Kerala (IFFK) में भेजना अच्छा विकल्प है। OTT प्लेटफॉर्म पर शॉर्ट/लॉन्ग फॉर्म दोनों के मौके हैं — पिच तैयार रखें और नेटवर्क बनाएं।
खबरें और रिव्यू कहां देखें? सोशल मीडिया पर आधिकारिक पेज, बड़े पोर्टल और रिव्यू चैनल भरोसेमंद होते हैं। फिल्म के रिलीज़ डायस्ट्रीब्यूटर के बयान और प्रमुख त्योहारों की सूचनाएँ सबसे पहले वहाँ आती हैं। हमारे टैग पेज पर नियमित अपडेट मिलते रहेंगे — ट्रेलर, रिव्यू और बॉक्स‑ऑफिस रिपोर्ट के लिए चेक करते रहें।
मलयालम फिल्म उद्योग में मज़बूत कहानियाँ और नई तैयारी दोनों मिलती हैं। आप दर्शक हों, आलोचक या फिल्म बनाने वाले—यह इंडस्ट्री कुछ नया दिखाने को तैयार रहती है। अगले बार जब कोई मलयालम फिल्म चर्चा में आए, तो थोड़ा अलग नजरिए से देखिए — कहानी, साउंड और लोकल रंग पर ध्यान दीजिए।
मलयालम अभिनेत्री मिनु मनीर ने प्रमुख सितारों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया
मलयालम अभिनेत्री मिनु मनीर ने मलयालम फिल्म उद्योग के कई प्रमुख हस्तियों पर 2013 में शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में मलयालम फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के लिए इस उत्पीड़न को 'असहनीय' बताया। इस खुलासे के बाद, केरल सरकार ने विशेष जांच टीम का गठन किया है।