निपाह वायरस: क्या है और आपको क्यों सावधान रहना चाहिए

निपाह वायरस (Nipah virus) एक जानलेवा वायरस है जो अचानक फैलकर गंभीर बीमारी कर सकता है। इस वायरस से संक्रमित होने पर बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत और कभी-कभी उलझन या कोमा भी हो सकता है। पिछली घटनाओं में मृत्यु दर काफी ऊँची देखी गई है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।

लक्षण और संक्रमण कैसे होता है

लक्षण आमतौर पर संपर्क के 4-14 दिनों के अंदर दिखना शुरू होते हैं। शुरुआती संकेतों में तेज बुखार, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और गले में जलन शामिल हैं। कुछ लोगों में खाँसी, सांस फूलना और न्यूरोलॉजिकल लक्षण जैसे कन्फ्यूजन या बेहोशी भी आ सकती है।

संक्रमण मुख्य रूप से तीन रास्तों से होता है: संक्रमित फल खाने या फल के रस (जैसे खुले में रखी ताज़ी खजूर की रस) के संपर्क से, संक्रमित जानवरों (जैसे सुअर) से सीधे संपर्क से, और व्यक्ति से व्यक्ति के निकट संपर्क में आकर। संक्रमित व्यक्ति के श्वसन स्राव या शरीर के तरल पदार्थ से भी संक्रमण फैल सकता है।

रोकथाम और क्या करें यदि संदेह हो

रोकथाम में सरल पर लेकिन असरदार कदम शामिल हैं। ऐसे इलाकों में जहाँ प्रकोप हो, वहाँ खुले में पड़े फल न खाएँ और गिरा हुआ फल न छुएं। फल अच्छी तरह धोकर या पकाकर ही खाएं। बीमार पशुओं से दूरी रखें और यदि संपर्क में आए हों तो तुरंत हाइजीन रखें—हाथ धोएं और मास्क का उपयोग करें।

अगर किसी को निपाह के लक्षण हैं या उसने संक्रमित व्यक्ति/जानवर के संपर्क में आने की जानकारी दी है तो तुरंत नज़दीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। घर में कोई बीमार हो तो उसे अलग कमरे में रखें, नज़दीकी संपर्कों की सूची बनाएं और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करें। अस्पताल में मरीज को आइसोलेट किया जाता है और आवश्यक देखभाल दी जाती है।

वर्तमान में निपाह के लिए कोई व्यापक रूप से उपलब्ध और प्रमाणित वैक्सीन नहीं है; शोध जारी है। इलाज सामान्यत: सहायक (supportive) होता है—दरअसल सांस लेने में मदद, तरल पदार्थ की संतुलन और संक्रमण से जुड़ी जटिलताओं का उपचार प्राथमिक होते हैं।

घरेलू देखभाल में साफ-सफाई का खास ध्यान रखें: बार-बार हाथ धोएँ, खाँसने या छींकने पर रूमाल या कोहनी का प्रयोग करें, सतहों को नियमित साफ करें और टीका या दवा के बारे में केवल आधिकारिक स्वास्थ्य स्रोतों से ही जानकारी लें।

यदि आप यात्रा कर रहे हैं या किसी इलाके में निपाह केसों की खबर है तो यात्रा से पहले स्थानीय स्वास्थ्य सलाह पढ़ें और भीड़-भाड़, बांसुरी, या जानवरों के संपर्क से बचें।

शंका होने पर सीधे अपने राज्य स्वास्थ्य विभाग, नोडल अस्पताल या NCDC जैसी संस्थाओं से जानकारी लें। सही समय पर सही कदम उठाना संक्रमण फैलने से बचाने का सबसे बड़ा हथियार है।

केरल में निपाह वायरस से संक्रमित लड़के की मौत, स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा

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मलप्पुरम, केरल का 14 वर्षीय लड़का, जो निपाह वायरस से संक्रमित था, कोझीकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रविवार को निधन हो गया। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि निपाह वायरस के प्रोटोकॉल के अनुसार मृत्युपरांत औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। जिले में 246 लोग निपाह संपर्क सूची में हैं, जिनमें से 63 उच्च जोखिम श्रेणी में हैं।