अगर आपको पुलिस ने रोका या हिरासत में लिया है तो डरना आसान है, पर जानना ज़रूरी है कि कौन से अधिकार आपके पास हैं और तुरंत क्या कदम लेने चाहिए। कुछ सरल बातें समझ लें तो आप अपनी सुरक्षा और कानूनी स्थिति बेहतर बनाए रख सकते हैं।
पुलिस हिरासत का मतलब है कि पुलिस किसी व्यक्ति को पूछताछ या जांच के लिए अस्थायी रूप से थाने में रखती है। न्यायिक हिरासत तब होती है जब मजिस्ट्रेट या अदालत किसी आरोपी को जेल में भेज देती है। पुलिस हिरासत में पूछताछ का मकसद जांच बढ़ाना होता है; न्यायिक हिरासत में आरोपी को अदालत की कार्रवाई के तहत रखा जाता है।
आपको गिरफ्तार होने पर कुछ बुनियादी अधिकार स्वतः मिलते हैं: आपसे गिरफ्तार होने का कारण बताया जाना चाहिए, आप वकील से मिल सकते हैं और बात कर सकते हैं, आपको बिना वजह यातना या गलत व्यवहार का शिकार नहीं होना चाहिए, और आपको मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना चाहिए (आम तौर पर 24 घंटे के भीतर)। इसके अलावा आप मेडिकल जांच की मांग कर सकते हैं और परिवार या करीबी को सूचित करने का अनुरोध कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि कुछ मामलों में अदालत या पुलिस सुरक्षा कारण दिखाकर सूचनाओं पर रोक लगा सकती है, पर सामान्य तौर पर इन मूल अधिकारों को लागू माना जाता है। बुरी तरह से टॉर्चर या अवैध बंदी बनना अवैध है और इसके खिलाफ शिकायत की जा सकती है।
1) शांत रहें और नाम-ठिकाना नोट कर लें: पूछताछ के दौरान घबराने पर गलत बयान देना आसान है। 2) कारण जानें और लिखवाएं: पूछें कि आपको किस वजह से रोका गया है और कब-कहां से गिरफ्तार किया गया। 3) वकील बुलाने को कहें: किसी भी पूछताछ से पहले वकील से बात करने की मांग करें। 4) परिवार से संपर्क करने को कहें: किसी परिचित या परिवार को बता दें कि आप हिरासत में हैं। 5) किसी भी कागज पर खाली साइन न करें और आत्म-प्रचार करने वाले बयान देने से बचें। 6) मेडिकल जांच की मांग करें अगर चोट लगी है या आपकी सेहत खराब है।
अगर अधिकारों का उल्लंघन हो तो रिकॉर्ड रखें — हिरासत का समय, पुलिसकर्मी के नाम, थाने की डायरी का प्रवेश (station diary) और किसी गवाह का नाम। यह बाद में कानूनी कार्रवाई में मददगार होगा।
अगर आपकी हिरासत अनियत्रित लगे या यातना हुई हो तो आप तत्काल न्यायिक उपाय जैसे मजिस्ट्रेट से पेश करने की मांग, हैबियस कॉर्पस या मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर सकते हैं। स्थानीय कानूनी सहायता सेवा और सरकारी मुफ्त वकील (legal aid) भी मदद कर सकते हैं।
सबसे जरूरी: अपनी राय रखें, शांत रहें और वकीली सलाह लें। तुरंत उठाए गए छोटे कदम अक्सर बड़ी मुश्किलों से बचाते हैं।
पेरिस होटल में हुए विवाद के बाद ट्रैविस स्कॉट पुलिस हिरासत से रिहा
प्रसिद्ध रैपर ट्रैविस स्कॉट को पेरिस के एक होटल में सुरक्षा गार्ड के साथ हुए विवाद के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया था। घटना के बाद पारिसी अभियोजन कार्यालय ने बताया कि हिरासत का आदेश रद्द कर दिया गया है और कोई चार्ज नहीं लगाया गया है। स्कॉट पेरिस में ओलंपिक्स के लिए आए थे और यूएस-सेरबिया बास्केटबॉल मैच देखने पहुंचे थे।