क्या आप अक्सर सोचते हैं कि राजस्थान में इस साल बारिश कितनी होगी? यहाँ हम आपके लिए सबसे ताज़ा मौसम जानकारी लाए हैं, ताकि आप अपनी रोज़मर्रा की योजना आसानी से बना सकें। मॉनसून के शुरू होने के बाद से ही तापमान में गिरावट और आर्द्रता बढ़ी है, लेकिन बारिश का वितरण अभी भी अनियमित रहता है। नीचे हम मुख्य बिंदुओं को आसान भाषा में समझाते हैं।
पिछले दो हफ्तों में जयपुर, उदयपुर और जैसलमेर में कुल 85 mm से अधिक बारिश हुई है। विशेषकर रात के समय वायुमंडल की ठंडी हवा ने हल्की बूँदें लाईं, जिससे फसलों को राहत मिली। यदि आप अपने खेत में धान या गन्ने की खेती कर रहे हैं, तो यह पानी आपके लिए मददगार होगा। लेकिन रेतिले इलाकों में अभी भी जल अभाव है, इसलिए निचली जमीन वाले क्षेत्रों में सिंचाई की योजना बनाते रहें।
मॉनसून के साथ तापमान औसतन 28 °C से घटकर 22 °C तक आया है। यह बदलाव कुछ लोगों को सर्दी जैसा महसूस करा सकता है। ऐसे में हल्के कपड़े पहनें, लेकिन अचानक ठंड में न उलझें—एक हल्की जैकेट या शॉल रखें। आर्द्रता बढ़ने के कारण फंगस और एलर्जी की समस्या भी देखी जा सकती है; घर के अंदर वेंटिलेशन अच्छा रखें और गीले कपड़ों को जल्दी सुखाएँ।
कृषि पर असर देखते हुए, मौसम विभाग ने अगले 7‑10 दिनों में बार-बार हल्की बारिश की संभावना बताई है। इसलिए किसान भाईयों से अनुरोध है कि बीज बोने या रसायन छिड़काव के समय जल निकासी का ध्यान रखें। अगर आप शहर में रहते हैं तो यात्रा योजना बनाते समय सड़कों पर पानी भरने की संभावना को नजरअंदाज न करें—ऑफ़-पीक टाइम चुनें और ट्रैफ़िक अपडेट देखें।
राजस्थान मॉनसून के बारे में अक्सर सवाल आते हैं: "क्या इस साल जल संकट हल होगा?" अभी तक पूरी तरह नहीं, लेकिन लगातार बारिश से जलभंडारण तालाबों की स्थिति सुधर रही है। स्थानीय प्रशासन ने कई नए जले हुए क्षेत्रों में पानी बचाने के उपाय अपनाए हैं, जैसे कि टैंक भरण और बौछारियों का पुनः उपयोग। आप भी अपने मोहल्ले में सामुदायिक जल संग्रहण परियोजनाओं में भाग ले सकते हैं।
अंत में, यदि आप मौसम से जुड़े नवीनतम लेख पढ़ना चाहते हैं तो नीचे सूचीबद्ध पोस्ट्स देखें। ये सभी लेख राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून की स्थितियों को विस्तार से कवर करते हैं और आपको व्यावहारिक टिप्स देते हैं। चाहे किसान हों या शहरिया, इस जानकारी से आपका दिन‑प्रतिदिन का निर्णय आसान होगा।
राजस्थान मॉनसून आपदा: रिकॉर्ड बारिश से भीषण बाढ़, धंसान और जनजीवन ठप
राजस्थान में 48% अधिक बारिश से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में भीषण बाढ़ और भू-धंसान हुआ। 91 लोगों की मौत, 51 घायल, 38 मकान ढहे और 47 पशु मरे। सवाई माधोपुर में सुरवाल बांध के ओवरफ्लो से 2 किमी लंबा धंसान, कई गांव डूबे। कोटा में चंबल खतरे के निशान से ऊपर, कई हाईवे बह गए। आईएमडी ने 22 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।