यौन उत्पीड़न: क्या है और तुरंत क्या करें

यौन उत्पीड़न का सामना करना खतरनाक और अज़ीब महसूस करवाता है। अगर आपने या किसी करीबी ने कभी अनचाही टिप्पणियाँ, छूना, धमकी या अनुचित संदेश पाए हों, तो उसे नजरअंदाज न करें। यहां सीधे, सरल और उपयोगी कदम दिए गए हैं ताकि आप सुरक्षित रहें और सही कार्रवाई कर सकें।

क्या है यौन उत्पीड़न?

यौन उत्पीड़न वह व्यवहार है जो किसी की गरिमा को ठेस पहुँचाए। इसमें शब्दों के अभद्र संकेत, शारीरिक संपर्क बिना सहमति के, अश्लील संदेश, छेड़छाड़ या किसी को असहज करने वाले इशारे शामिल हैं। ये घटनाएँ घर, स्कूल, सार्वजनिक स्थान या कार्यस्थल किसी भी जगह हो सकती हैं।

अगर आप पीड़ित हैं तो क्या करें

पहला विचार: अपनी सुरक्षा। तुरंत सुरक्षित जगह पर जाएँ। अगर खतरा है तो 112 पर कॉल करें। क्या हुआ—लिख लें: तारीख, समय, जगह, गवाह और घटना का संक्षेप। मोबाइल में संदेश, कॉल रिकॉर्ड, फोटो या वीडियो बचा लें। ये सब बाद में सबूत बनते हैं।

काम पर हुआ हो तो कंपनी की शिकायत प्रक्रिया (POSH - कार्यस्थल यौन उत्पीड़न विरोधी नियम) के बारे में जानें। अधिकांश संगठनों में Internal Complaints Committee (ICC) होती है। शिकायत समय पर दर्ज करवाएँ—POSH के तहत आम तौर पर शिकायत 3 महीने के अंदर की जानी चाहिए, पर आवश्यकता पर विस्तार मिल सकता है।

पुलिस में FIR दर्ज कराना एक विकल्प है—अगर घटना अपराध की श्रेणी में आती है तो आप स्थानीय थाने में रिपोर्ट कर सकती/सकते हैं। मेडिकल चेकअप कराना जरूरी है, खासकर जब शारीरिक संपर्क हुआ हो; डॉक्टर का मेडिकल रिकॉर्ड सशक्त सबूत बनता है।

कानूनी मदद लें: यदि आप हिचक रहे हैं तो किसी वकील, महिला सहायता संगठन या निःशुल्क विधिक सहायता से बात करें। कई NGOs और महिला आयोग प्राथमिक मार्गदर्शन और काउंसलिंग देते हैं।

आश्रय और मानसिक समर्थन भी जरूरी है। किसी भरोसेमंद दोस्त, परिवार या काउंसलर से बात करें। बहुत से शहरों में हेल्पलाइन और आश्रय केंद्र होते हैं जो तात्कालिक मदद, कानूनी मार्गदर्शन और थेरेपी देते हैं।

क्या कर सकते हैं: गवाहों से लिखित बयान लें, किसी भी डिजिटल संदेश की स्क्रीनशॉट सुरक्षित करें, घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी की जानकारी लें। कार्यस्थल में अस्थायी स्थानांतरण या आरोपी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए HR से बात करें।

हेल्पलाइन याद रखें: आपातकाल में 112, स्थानीय महिला हेल्पलाइन और नेशनल/स्टेट महिला कमिशन की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। अगर सही मदद नहीं मिल रही, तो मीडिया या सामाजिक मंचों पर आवाज उठाने से पहले कानूनी सलाह लें।

याद रखें, चुप रहना आसान होता है पर कार्रवाई करने से सुरक्षा और न्याय मिलने के अवसर बढ़ते हैं। अगर आप सुरक्षित महसूस नहीं करते तो तुरंत मदद माँगिए।

मलयालम अभिनेत्री मिनु मनीर ने प्रमुख सितारों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया

मलयालम अभिनेत्री मिनु मनीर ने प्रमुख सितारों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया

मलयालम अभिनेत्री मिनु मनीर ने मलयालम फिल्म उद्योग के कई प्रमुख हस्तियों पर 2013 में शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में मलयालम फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के लिए इस उत्पीड़न को 'असहनीय' बताया। इस खुलासे के बाद, केरल सरकार ने विशेष जांच टीम का गठन किया है।