बजट हर साल आपकी दिनचर्या, बचत और खर्च को सीधे प्रभावित करता है। क्या आपको टैक्स में राहत मिली? क्या सब्सिडी बदलेंगी? क्या सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के लिए नया निवेश रखा है? यहां सीधे, सरल और फॉलो करने योग्य बातें बताऊँगा — बिना किसी जोगाड़ या फालतू शब्दों के।
सरकारी बजट आमतौर पर कुछ ही हिस्सों में सीधे महसूस होता है: टैक्स नियम, सार्वजनिक खर्च (किसान, स्वास्थ्य, शिक्षा), सब्सिडी और सकल निवेश। अगर टैक्स स्लैब या कटौतियों में बदलाव हुआ है तो आपकी नेट सैलरी और बचत पर असर होगा। वहीं सरकार का कैपेक्स यानी पूंजीगत खर्च अगर बढ़ा है तो सड़क, रेल, बिजली और निर्माण क्षेत्र में काम बढ़ेगा — इससे नौकरी और इलाके का विकास जल्दी दिखता है।
किसानों और ग्रामीण इलाकों के लिए समर्थन योजनाओं में बदलाव से फसलों के भाव और सब्सिडी प्रभावित हो सकती हैं। छोटे व्यापार और MSME पर क्रेडिट या कर रियायतें मिलीं तो उनकी नकदी में सुधार होगा। स्टार्टअप और टेक सेक्टर को मिलने वाली सुविधाएँ निवेश और हायरिंग बढ़ा सकती हैं।
बजट घोषित होते ही घबराने की जरूरत नहीं। ये छोटे-छोटे कदम आपके लिए काम आएंगे:
बजट का असर तुरंत और धीरे-धीरे दोनों तरह दिखता है। दोनों पर नज़र रखें: तुरंत आपकी सैलरी या कर-प्रत्यक्ष परिवर्तन और महीनों में आने वाले नीतिगत फायदे या नुकसान।
अगर आप चाहें तो foodzo.in पर बजट से जुड़ी ताज़ा खबरें, छोटे-छोटे विश्लेषण और रोजमर्रा के असर पर लेख देख सकते हैं। कोई खास सवाल है—अपने हालात बताइए, मैं सरल शब्दों में पॉइंट-बाय-पॉइंट बता दूँगा कि आपको क्या करना चाहिए।
बजट 2024-25 में एसटीटी बढ़ोतरी के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2024-25 में फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने की घोषणा के बाद बीएसई सेंसेक्स 1,266.17 अंक गिरकर 79,235.91 पर और एनएसई निफ्टी 435.05 अंक गिरकर 24,074.20 पर आ गया।