भूकंप अचानक आते हैं। कुछ सेकंड भी बहुत मायने रखते हैं। यहां सीधे और practical कदम दिए गए हैं जो आप तुरंत याद रख सकते हैं और पालन कर सकते हैं — घर में, बाहर या यात्रा के समय।
अगर भूकंप आते ही आप अंदर हों तो सबसे तेज़ और असरदार तरीका है: DROP, COVER, HOLD ON — यानी गिरे, ढकें और पकड़ें। नीचे बैठ जाएँ, सिर और गर्दन को कुर्सी या मेज के नीचे छुपाएँ और किसी मजबूत फर्नीचर को पकड़ कर रखें। खिड़की, भारी अलमारियों या लटकती वस्तुओं से दूर रहें।
बिस्तर पर हों तो वहीं रुकें और तकिए से सिर रखें; बाहर सीधे बाहर निकलने की कोशिश न करें क्योंकि गिरने वाला मलबा बाहर भी होता है। यदि बहुमंजिला इमारत में हैं, सीढ़ियों से नीचे उतरें पर तुरंत बाहर भागने से पहले महसूस करें कि बाहर पर गिरने वाली चीजें तो नहीं। एलिवेटर का उपयोग न करें।
बाहर हों तो खुले स्थान में जाएँ। बिजली के खंभों, पेड़ों, बिल्डिंग के किनारों और टूटे कांच से दूर रहें। गाड़ी में हों तो धीरे-धीरे रोकें और सीधी जगह पर रहें; ब्रिज के नीचे या टनल में न रुकें।
पहले खुद और आसपास के लोगों की चोटों की जांच करें। अगर गैस की गंध आए तो मुख्य गैस वाल्व बंद कर दें। बिजली के मीटर या तार छूने से बचें। जल निकासी या सीवेज लाइन टूटने पर स्थानीय अधिकारियों को सूचित करें।
बचाव सेवाओं के आने तक फोन का उपयोग केवल आपात स्थिति के लिए करें ताकि नेटवर्क पर भीड़ न हो। यदि भवन क्षतिग्रस्त दिखे तो बाहर सुरक्षित जगह पर रहें — शादी/स्कूल/मंडलीय स्थान जैसी खुली जगहें बेहतर हैं। हमेशा आफ्टरशॉक की संभावना रहती है, इसलिए फिर से इमारत में लौटने से पहले अधिकारी की हरी झंडी का इंतजार करें।
जीवन रक्षात्मक प्राथमिकता पर ध्यान दें: गंभीर रक्तस्राव रोकें, साँस लेने में परेशानी हो तो प्राथमिक मदद दें और प्राथमिक चिकित्सा किट का उपयोग करें।
आपातकालीन किट में रखें: कम से कम 3 दिन का पानी (प्रति व्यक्ति 3-4 लीटर/दिन), खाद्य सामग्री (नॉन-परिशिष्ट), टॉर्च और अतिरिक्त बैटरी, रेडियो (बैटरी/हैंड क्रैंक), प्राथमिक चिकित्सा किट, जरूरी दवाइयाँ, नकद, पहचान पत्र की प्रतियाँ, मोबाइल पावर बैंक और आपात संपर्क सूची।
घर पहले से सुरक्षित रखें: भारी फर्नीचर दीवार से बाँधें, ऊँची वस्तुएँ कमरों की ऊँचाई पर न रखें, गैस पाइप की जाँच करवाएं और कमजोर दीवारों की मरम्मत कराएँ। पुरानी ईंट-पत्थर वाली दीवारें अधिक जोखिम वाली होती हैं — सम्भव हो तो structural engineer की राय लें।
अंत में, परिवार के साथ एक संक्षिप्त आपात योजना बनाइए: निकास मार्ग, मिलने की जगह और एक फोन कॉन्टैक्ट जिसे बाहर का कोई सदस्य हो। मोबाइल पर आपदा अलर्ट चालू रखें और लोकल आपदा प्रबंधन के निर्देशों का पालन करें।
आज ही अपनी आपात किट जाँच लें और परिवार को ये सरल नियम सिखाएँ — कुछ मिनट की तैयारी कई जानें बचा सकती है।
जम्मू और कश्मीर के बारामूला में 4.9 तीव्रता का भूकंप: प्रमुख जानकारी और जानकारियाँ
जम्मू और कश्मीर के बारामूला जिले में मंगलवार को सुबह 2:45 बजे 4.9 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र 10 किमी की गहराई पर था। कोई भी घायल या संपत्ति को नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है।