जीएमपी (Good Manufacturing Practice) क्या है और क्यों जरूरी है?

क्या आप जानते हैं कि एक छोटी गलती भी औषधि या खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता को बिगाड़ सकती है? जीएमपी यानी Good Manufacturing Practice ऐसे नियमों का समूह है जो सुनिश्चित करता है कि उत्पाद हमेशा सुरक्षित और कुशल हों। यह नियम खासतौर पर फार्मा, खाद्य और कॉस्मेटिक उद्योगों के लिए बनाए जाते हैं।

जीएमपी का मकसद साफ है: उपभोक्ता को मिल रहे उत्पाद में गुणवत्ता, स्वच्छता और ट्रेसबिलिटी बनाये रखना। इसमें कर्मचारी प्रशिक्षण, साफ-सफाई, दस्तावेजीकरण, उपकरण की जाँच और गुणवत्ता नियंत्रण शामिल होते हैं।

जीएमपी के मुख्य सिद्धांत

नीचे वे बिंदु हैं जिन पर हर कंपनी को ध्यान देना चाहिए — ये छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़े नुकसान से बचाते हैं:

  • साफ-सफाई और हाइजीन: उत्पादन क्षेत्र और उपकरण नियमित रूप से साफ और सैनिटाइज़ हों।
  • कर्मचारी प्रशिक्षण: हर कर्मचारी को SOP (Standard Operating Procedure) और सुरक्षा नीतियाँ पता हों।
  • दस्तावेजीकरण: हर प्रक्रिया, बैच रिकॉर्ड और जांच की रिपोर्ट लिखी और सहेजी जाएँ।
  • उपकरण व प्रक्रिया मान्यता: उपकरण की वैलिडेशन और प्रक्रिया की रीकॉन्सिलिएशन जरूरी है।
  • कंट्रोल ऑफ कंटामिनेशन: कच्चे माल से लेकर पैकेजिंग तक हर चरण पर जोखिम घटाएँ।
  • शिकायत एवं CAPA: ग्राहक शिकायतों को रिकॉर्ड कर सुधारात्मक और निवारक कार्रवाई (CAPA) लागू करें।

कैसे लागू करें — चरणबद्ध तरीका

जीएमपी लागू करना जटिल नहीं, बस क्रमबद्ध करना जरूरी है। यह आसान स्टेप्स फॉलो करें:

  • 1. जोखिम मूल्यांकन: अपने उत्पादन के हर चरण में संभावित जोखिम पहचानें।
  • 2. SOP बनाएं: रोज़मर्रा के कामों के लिए स्पष्ट लिखित निर्देश तैयार करें।
  • 3. प्रशिक्षण: SOP के अनुसार कर्मचारियों का प्रशिक्षण और रीकॉर्सिंग रखें।
  • 4. दस्तावेजी रेकॉर्ड: हर बैच, जांच और रख-रखाव का रिकॉर्ड रखें ताकि ट्रेस किया जा सके।
  • 5. आडिट और निरीक्षण: अंदरूनी और बाहरी ऑडिट कराएँ; कमियों पर तुरंत सुधार करें।
  • 6. प्रमाणन: WHO-GMP या स्थानीय नियामक (जैसे FSSAI, CDSCO) की आवश्यकताओं के मुताबिक आवेदन करें।

आमतौर पर कंपनियां छोटे-छोटे दोषों पर ध्यान नहीं देतीं—पर वही छोटे मुद्दे बड़े रिस्क बन जाते हैं। इसलिए दस्तावेजी नियंत्रण और नियमित आडिट नज़रअंदाज़ मत करें।

अगर आप शुरुआत कर रहे हैं तो एक सरल चेकलिस्ट से शुरू करें: सफाई, कर्मचारी ट्रेनिंग, SOP, बैच रिकॉर्ड, उपकरण मैनेजमेंट और शिकायत हैंडलिंग। इन छह चीजों पर फोकस करने से आप 70-80% जीएमपी आवश्यकताओं को पूरा कर लेंगे।

अगर चाहें, हम आपको एक बेसिक जीएमपी चेकलिस्ट या SOP टेम्पलेट दे सकते हैं ताकि तुरंत लागू कर सकें। बस बताइए किस सेक्टर (फार्मा/खाद्य/कॉस्मेटिक) में हैं और मैं मदद कर दूंगा।

इंवेंट्यूरस नॉलेज सॉल्यूशंस IPO दिन 3: जीएमपी, सब्सक्रिप्शन स्थिति, समीक्षा और अन्य जानकारी

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इंवेंट्यूरस नॉलेज सॉल्यूशंस के IPO ने तीसरे दिन ग्रे मार्केट प्रीमियम में काफी वृद्धि दर्ज की, और यह 405 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गया। यह IPO कुल 2,497.92 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखता है और इसमें 1.87 करोड़ शेयरों का संयोजन है। इसमें योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए 6.89 गुना, खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए 9.21 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए 13.06 गुना सब्सक्रिप्शन हुआ।