क्या तलाक आपके जीवन में सामने आ रहा है या आप सिर्फ जानकारी जुटा रहे हैं? तलाक केवल भावनात्मक फैसला नहीं है, इसमें कानूनी, आर्थिक और बच्चों से जुड़ी जिम्मेदारियां भी होती हैं। यहां सीधे, सटीक और प्रैक्टिकल तरीके से बताता हूँ कि आपको क्या-क्या पता होना चाहिए।
बुनियादी तौर पर दो तरह के तलाक होते हैं: सहमति (mutual consent) और विवादित (contested) तलाक। सहमति में दोनों पति-पत्नी मिलकर अदालत से तलाक मांगते हैं — यह तेज और कम झंझट वाला रास्ता होता है, पर अक्सर अदालतों में एक छह महीने की "कूलिंग पीरियड" लागू रहती है जिसे कुछ मामलों में कोर्ट कम या माफ कर सकता है।
विवादित तलाक में पति या पत्नी किसी कारण (जैसे परित्याग, क्रूरता, व्यभिचार आदि) का हवाला देकर अकेले केस दायर करते हैं। यह लंबा और महंगा हो सकता है क्योंकि सबूत और गवाह चाहिए होते हैं। ऐसे मामलों में पारिवारिक न्यायालय मध्यस्थता (मेडिएशन) का भी कह सकता है।
धर्मानुसार नियम अलग होते हैं: हिंदू जोड़ों पर हिंदू मैरिज एक्ट और इंटरफेथ या सिविल विवाहों पर स्पेशल मैरिज एक्ट लागू होता है। मुस्लिम मामले व्यक्तिगत कानूनों के अंतर्गत आते हैं; ध्यान दें कि ताज्ज़ियानी "त्रिगुण तलाq" जैसी प्रथाएँ 2019 के बाद आपराधिक रूप से संबोधित हो चुकी हैं।
अगर तलाक का विचार स्थिर है तो यह तुरंत करें:
इंटरिम रिलीफ जैसे मेंटेनेंस, निवास आदेश और अस्थायी कस्टडी के लिए आप तुरंत कोर्ट में आवेदन कर सकते हैं। वकील के साथ इन दस्तावेज़ों को तैयार रखें।
अंत में, भावनात्मक सपोर्ट भी जरूरी है। परिवार, दोस्त या प्रोफेशनल काउंसलर से बात करें ताकि आप तर्क के साथ निर्णय लें। हमारी साइट पर ताज़ा खबरें, मामलों की रिपोर्ट और सलाह जुड़ी पोस्ट्स मिलेंगी—पढ़ते रहें और सही समय पर कदम उठाएँ।
जयम रवि और आरती के तलाक का ऐलान: विचारपूर्वक लिया गया निर्णय
तमिल अभिनेता जयम रवि और उनकी पत्नी आरती ने अपनी शादी को समाप्त करने का निर्णय लिया है। जयम रवि ने बताया कि यह निर्णय विचारपूर्वक और संयमपूर्वक लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों की भलाई का ध्यान रखते हुए यह कठिन निर्णय लिया गया है। उनका मानना है कि यह निर्णय सभी के लिए लाभकारी होगा। यह घोषणा उनके आपसी सम्मान और समझ को दर्शाती है।