अमेरिकी फेडरल रिजर्व — ताज़ा खबरें, नीतियाँ और आपके पैसे पर असर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) दुनिया की सबसे प्रभावशाली केंद्रीय बैंक है। इसके फैसले सिर्फ अमेरिका नहीं बल्कि ग्लोबल मार्केट, रुपये की वैल्यू, बॉन्ड रेट और सोने-स्टॉक्स सब पर असर डालते हैं। अगर आप निवेश करते हैं या लोन पर हैं, तो फेड की खबरें आपके लिए सीधे मायने रखती हैं।

फेड का काम और उसके प्रमुख टूल

फेड का मुख्य काम महंगाई को नियंत्रित करना और आर्थिक वृद्धि को स्थिर रखना है। इसके प्रमुख टूल हैं:

  • फेड फंड रेट: बैंकों के बीच रात भर उधार की दर — यह आमतौर पर मार्केट रेट्स और ब्याज दरों का आधार बनती है।
  • ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMO): सरकार के बॉन्ड खरीदने या बेचने से बाजार में पैसे की आपूर्ति घटती या बढ़ती है।
  • रिजर्व रेश्यो और ऋण सुविधा: बैंकों के पास जमा की मात्रा और आपातकालीन लोन से भी तरलता नियंत्रित होती है।

FOMC (Federal Open Market Committee) आम तौर पर साल में आठ बार मिलकर नीति दर पर फैसला करती है। उनके मिनट्स, प्रेस कॉन्फ्रेंस और चेयर के बयान मार्केट को दिशा देते हैं।

फेड के फैसलों का भारत और आपके पैसे पर असर

फेड दर बढ़ाए तो डॉलर मजबूत होता है और रुपया दबाव में आ सकता है। इससे आयात महँगा होगा और पेट्रोल-गैस जैसे वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी दरें बढ़ीं तो ग्लोबल फंडें उभरते बाजारों से बाहर आ सकती हैं, जिससे भारतीय शेयर और बॉन्ड गिर सकते हैं।

ब्याज दरों का असर आपकी पूंजी पर भी पड़ता है: फिक्स्ड डिपॉज़िट, होम लोन, कार लोन—सबकी कीमत बदल सकती है। इन्वेस्टर के तौर पर आप क्या कर सकते हैं?

  • यदि आप कर्ज ले रहे हैं तो दरों के रुझान पर नजर रखें; रेट बढ़ने से EMI महँगी होगी।
  • लंबी अवधि के बॉन्ड में जोखिम बढ़ता है जब रेट ऊपर जाते हैं — डायवर्सिफाई करें।
  • इक्विटी में फेड के संदेश से सेक्टोरल चेंज आते हैं; टेक-स्टॉक्स पर दरों का नकारात्मक असर हो सकता है, जबकि बैंकिंग स्टॉक्स पर सकारात्मक।

किस तरह अपडेट रहें: फेड की आधिकारिक वेबसाइट (federalreserve.gov), FOMC कैलेंडर, और भरोसेमंद न्यूज़ सोर्स—Bloomberg, Reuters के फेड कवरेज पर नजर रखें। आप CME FedWatch टूल से संभावित दर कटीविटी का अनुमान देख सकते हैं।

यह टैग पेज उन खबरों और विश्लेषणों का संग्रह है जो अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़ी हैं। यहां आपको फेड फैसलों की ताज़ा खबरें, नीति विश्लेषण और भारत पर प्रभाव की सरल व्याख्या मिलेगी। अपने निवेश और दैनिक फैसलों में मदद के लिए इस पेज को बुकमार्क करें और नोटिफ़िकेशन ऑन रखें।

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दर कटौती: पहली बार 2020 के बाद पावेल की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर निगाहें

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दर कटौती: पहली बार 2020 के बाद पावेल की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर निगाहें

फेडरल रिजर्व 17-18 सितंबर की बैठक में चार वर्षों में पहली बार ब्याज दर घटाने की संभावना है। यह महत्वपूर्ण पॉलिसी बदलाव माना जा रहा है। फेड चेयर जेरोम पावेल की प्रेस कॉन्फ्रेंस 18 सितंबर को होगी, जिसे निवेशक और व्यापारी भविष्य की नीति दिशाओं के लिए बारीकी से देखेंगे। श्रम बाजार की स्थिति अब मुद्रास्फीति से ज्यादा महत्व रखती है।