डॉक्टर बलात्कार — क्या करें और कैसे शिकायत करें

अगर किसी डॉक्टर ने आप या आपके किसी परिचित के साथ यौन दुर्व्यवहार किया है तो सबसे पहली बात — आप अकेले नहीं हैं और मदद उपलब्ध है। घटना के तुरंत बाद ठंडा दिमाग रखें, लेकिन तरीक़े से कदम उठाएं जो भविष्य में आपके लिए सबूत और सुरक्षा सुनिश्चित करें।

फौरन करने योग्य कदम

1. सुरक्षित जगह पर जाएँ: घटना के बाद जितनी जल्दी हो सके किसी भरोसेमंद रिश्तेदार या दोस्त के पास जाएँ। खुद को सुरक्षित रखें।

2. मेडिकल-लीगल जांच कराएँ: अस्पताल की प्राथमिक चिकित्सा और फोरेंसिक जांच जरूरी है। कपड़े न धोएं, न फाड़ें — कागज़ में रखें और सुरक्षित रखें। डॉक्टर द्वारा की गई चिकित्सीय क्रियाओं के रिकॉर्ड, रसीदें, अपॉइंटमेंट नोट्स और किसी भी संदेश या कॉल रिकॉर्ड को संजो कर रखें।

3. पुलिस में शिकायत (FIR) दर्ज कराएँ: यौन अपराध के मामलों में पुलिस FIR दर्ज करने के लिए बाध्य होती है। आप 112 जैसी इमरजेंसी सर्विस से मदद ले सकते हैं। अगर पीड़िता नाबालिग हो तो POCSO लागू होगा। सामान्य धाराएँ जैसे IPC 376 (बलात्कार), 354/509 (शरीर की मर्यादा भंग) इत्यादि प्रयुक्त हो सकती हैं—ठीक धाराएँ वकील बताएंगे।

कानूनी और संस्थागत रास्ते

1. अस्पताल में लिखित शिकायत दें: जिस अस्पताल/क्लिनिक में डॉक्टर कार्यरत है वहां लिखित शिकायत दर्ज कराएँ। अक्सर अस्पताल के रिकॉर्ड से साबित होता है कि डॉक्टर का रोगी के साथ संबंध था।

2. राष्ट्रीय/राज्य मेडिकल काउंसिल: डॉक्टर के खिलाफ शिकायत National Medical Commission (NMC) या संबंधित राज्य मेडिकल काउंसिल में की जा सकती है। वे अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकते हैं—लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण।

3. वकील और कानूनी मदद: शुरुआती सलाह के लिए किसी वकील से मिलें। अगर आर्थिक दिक्कत है तो निःशुल्क विधिक सहायता या महिला आयोग की मदद लें। राज्य महिला आयोग, नेशनल कमीशन (NCW) और लोकल NGOs इसका सहारा दे सकते हैं।

सबूत जमा करना बहुत मायने रखता है: मेडिकल रिपोर्ट (MLC), फोटो, ऑडियो/वीडियो (जहाँ लीगल हो), चैट और कॉल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान — ये सब केस मजबूत करते हैं।

मनोवैज्ञानिक सहायता न भूलें। यौन दुर्व्यवहार का असर सिर्फ शरीर पर नहीं, मानसिकता पर भी होता है। पास की सरकारी/प्राइवेट काउंसिलिंग सर्विस, हेल्पलाइन्स या NGOs से संपर्क करें।

कुछ व्यवहारिक सावधानियाँ: इलाज के लिए अकेले जाना ज़रूरी न समझें, किसी रिश्तेदार या दोस्त को साथ रखें; क्लिनिक के अंदर की रिकॉर्डिंग के लिए अनुमति पूछें; डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर और अस्पताल से जुड़ने के प्रमाण मांगें।

अगर आप रिपोर्ट करना चाहते हैं पर डर रहे हैं तो महिला आयोग, लोकल NGOs और वकील आपकी पहचान गोपनीय रखने में मदद करते हैं। विकल्प हैं — आप पुलिस FIR के साथ-साथ सिविल रिहैबिलिटेशन और मेडिकल काउंसलिंग भी ले सकती/सकते हैं।

यदि आप अभी घटना से गुज़र रहे हैं और कदम उठाने में मदद चाहिए तो 112 (आपात), 181 (कई राज्यों में महिला हेल्पलाइन) या 1098 (बाल संकट) जैसी सेवाओं से शुरुआत कर सकते हैं। राज्य-स्तरीय और स्थानीय NGOs की जानकारी भी तुरंत मदद दे सकती है।

यह पेज ताज़ा समाचार, मुकदमे और सलाह भी दिखाता है। अगर आप मामले की रिपोर्ट या मदद चाहते हैं तो नजदीकी पुलिस स्टेशन, महिला मदद केंद्र या कानूनी सलाहकार से तुरंत संपर्क करें।

कोलकाता: डॉक्टर की सामूहिक बलात्कार और हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप में

कोलकाता: डॉक्टर की सामूहिक बलात्कार और हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप में

कोलकाता में 31 वर्षीय डॉक्टर की सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर आयोजित 'नबन्ना मार्च' के दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से भिड़ंत की। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों में भी तीखी नोंकझोंक देखने को मिली है।