हृदयघात अक्सर अचानक लगता है, लेकिन कई बार शरीर पहले से सिग्नल देता है। अगर आपको या किसी के साथ अचानक सीने में दबाव, पसीना, उल्टी जैसा महसूस हो रहा है — इसे न नजरअंदाज करें। सही समय पर लिया गया छोटा कदम जान बचा सकता है।
हृदयघात के लक्षण हर किसी में अलग हो सकते हैं, पर ये आम संकेत हैं जिन्हें जानना जरूरी है:
अगर उपरोक्त में से कोई भी लक्षण दिखे तो देरी न करें।
इमरजेंसी में क्या करें — सरल और असरदार कदम:
ये कदम अस्पताल तक पहुँचने का समय बढ़ाने में मदद करते हैं और हृदय को बचाने का मौका बढ़ाते हैं।
अस्पताल में डॉक्टर आमतौर पर ECG, ब्लड टेस्ट और इमेजिंग से पता लगाते हैं। इलाज में दवा, थ्रोम्बोलिसिस (रक्त थक्का घोलना) या एंजियोप्लास्टी/बैइपास शामिल हो सकते हैं — तय निदान और समय पर निर्भर करता है।
कौन अधिक जोखिम में है? धूम्रपान करने वाले, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और पारिवारिक इतिहास वाले लोग अधिक संवेदनशील होते हैं। उम्र बढ़ने के साथ जोखिम बढ़ता है, पर युवा भी जोखिम से मुक्त नहीं हैं, खासकर जीवनशैली खराब हो तो।
रोकथाम में छोटे बदलाव बड़ा फर्क डालते हैं: रोज़ाना चलना या हल्का व्यायाम, संतुलित आहार, नमक और तली-भुनी चीज़ें कम करना, धूम्रपान छोड़ना और नियमित हेल्थ चेक। स्टैटिन, ब्लड प्रेशर और शुगर नियंत्रण की दवाइयाँ डॉक्टर के निर्देश से लें।
अगर आप किसी के साथ हैं जिसे पहले दिल की दिक्कत रही है, उसके मेडिकेशन और डॉक्टर की जानकारी साथ रखें। कोर्स-ऑफ-एक्शन पहले तय करना इमरजेंसी में समय बचाता है।
याद रखें — समय ही सबसे बड़ा इलाज है। लक्षण दिखते ही तुरंत मदद लें; छोटी देर गंभीर नुकसान कर सकती है। अगर शक हो तो फोन करें, पूछें और अस्पताल जाएँ।
तमिल फिल्मकार विक्रम सुगुमरन का हार्ट अटैक से निधन, सिनेमाजगत में शोक की लहर
तमिल फिल्म निर्देशक विक्रम सुगुमरन का 47 वर्ष की उम्र में हृदयघात से निधन हो गया। वे 'मध यानई कूटम' और 'रावण कोट्टम' जैसी फिल्मों के लिए प्रसिद्ध थे। उनकी असमय मौत पर फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।