पूजा मुहूर्त — आज सही समय कैसे देखें

आज पूजा करनी है पर सही मुहूर्त नहीं पता? सही समय चुनना कई परिवारों के लिए दिलचस्प और जरूरी दोनों होता है। मुहूर्त का मतलब यह है कि किसी समारोह या पूजा के लिए ग्रह-नक्षत्र और समय कारगर हों। यहां सीधे, आसान और फायदेमंद तरीके बताए गए हैं ताकि आप बिना उलझन के पूजा कर सकें।

मूहूर्त जल्दी कैसे चेक करें

सबसे सरल तरीका: आधिकारिक पंचांग या भरोसेमंद ऐप खोलें और उस तारीख का दिन-रात का विवरण देखें। कई पॉपुलर प्वाइंट्स याद रखें — राहुकाल में पूजा न करें, चंद्र की स्थिति देखें (कई पारंपरिक कार्य चंद्र अनुकूल होने पर सुगम होते हैं), और अगर सुबह करना है तो ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग 1.5 घंटे पहले का समय) अच्छा माना जाता है।

स्टेप बाय स्टेप: 1) तारीख डालें, 2) उस दिन का नक्षत्र और तिथि पढ़ें, 3) राहु/केतु का समय देखें, 4) अगर बड़े कार्य हैं (विवाह, गृह प्रवेश) तो पंडित या ज्योतिषी से मुहूर्त पक्की कर लें।

किस पूजा के लिए कौन सा मुहूर्त चुने?

घरेलू पूजा और छोटी आरती: सुबह के सामान्य शुभ समय या शाम के सूर्योदय‑सूर्यास्त के बाद। बड़े समारोह (विवाह, गृहप्रवेश, नामकरण): ये काम विशेष मुहूर्त पर होते हैं — इन्हें पंचांग और ज्योतिष पर देखना जरूरी है। उदाहरण के तौर पर, शादी के लिए लग्न मुहूर्त चुना जाता है; गृह प्रवेश के लिए दिन और वार के साथ ग्रहों की स्थिति देखी जाती है।

अगर आप जल्द निर्णय करना चाहते हैं तो: मंदिर के पुजारी से पूछें, स्थानीय पंचांग देखें या उन लोकप्रिय मोबाइल ऐप्स/वेबसाइट्स पर 'पूजा मुहूर्त आज' सर्च करें। यह तेज़ और काम का तरीका है।

मिस हो गया मुहूर्त? घबराइए मत — कई साधारण उपाय हैं। आप शाम या अगले शुभ समय पर पूजा कर सकते हैं, या पंडित से आसान विधि और मंत्र लेकर जल्दी पूजा निश्चय कर लें। मन की निष्ठा और साफ़ इरादा भी बहुत मायने रखता है।

एक छोटा‑सा सुझाव: पूजा से पहले घर साफ रखें, दिये‑मोमबत्ती/घी तैयार रखें, और मोबाइल पर पंचांग का स्क्रीनशॉट रख लें ताकि समय पर सब व्यवस्थित हो।

आखिर में, याद रखें कि मुहूर्त उपयोगी है पर पूजा की भावना सबसे महत्वपूर्ण है। सही समय चुनकर आप मन को शांति देंगे और समारोह व्यवस्थित होगा। किसी विशेष मुहूर्त के लिए पक्का निर्णय चाहिए तो अलग‑से ज्योतिषी या पंडित से सलाह लें।

देवशयनी एकादशी पूजा मुहूर्त 2024: एकादशी पर पूजन का सर्वोत्तम समय

देवशयनी एकादशी पूजा मुहूर्त 2024: एकादशी पर पूजन का सर्वोत्तम समय

देवशयनी एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है। इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने की योगिक नींद में चले जाते हैं और ब्रह्मांड का प्रबंधन भगवान शिव संभालते हैं। 2024 में एकादशी तिथि 16 जुलाई को रात 8:33 बजे से शुरू होकर 17 जुलाई को रात 9:02 बजे समाप्त होगी। पूजा का सबसे अच्छा समय सुबह 5:33 बजे से 7:17 बजे तक है।