राजस्थान के लाखों विद्यार्थियों की परीक्षाएं पूरी होने के बाद, आज से ही उनके चेहरों पर उत्साह की रोशनी दिखाई दे रही है।राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने मंगलवार, 24 मार्च 2026 को कक्षा 10वीं के परिणाम जारी किए हैं। कुल मिलाकर 10,49,068 छात्रों ने परीक्षा दी, जिनमें से 9,88,520 छात्रों को पास हुए। यह संख्या देखने में सराहनीय लगती है—कुल पास प्रतिशत 94.23% रिकॉर्ड किया गया।
लेकिन कहानी केवल एक संख्या तक सीमित नहीं है। अगर गौर करें तो, लड़कियों ने इस बार फिर से लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया है। female students का पास प्रतिशत 94.20% रहा, जबकि boys का 93.63% था। यह लगातार चल रहा रुझान दर्शाता है कि राज्य में शैक्षिक बदलाव महिलाओं के पक्ष में तेजी से हो रहे हैं।
RBSE कक्षा 10वीं परीक्षा 2026
राजस्थान
की परीक्षा 6 मार्च से 4 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित हुई थी।
परिशिष्ट नोट्स और पासिंग मार्क्स का हिसाब
अक्सर छात्र यह जानने में असफल रहते हैं कि पास कैसे होते हैं। यहाँ थोड़ा गहरा जाएं तो बात साफ़ हो जाती है। सबसे पहले, प्रत्येक विषय में कम से कम 33% अंक मिलना अनिवार्य है। कुल 600 अंकों में से आपको कम से कम 198 अंक चाहिए। हालाँकि, चारों तरफ से अंक जोड़ने से काम नहीं चलेगा।
बारीकियां देखें तो,
- थ्योरी पेपर (80 अंक) में आपसे कम से कम 26 अंक उम्मीद की जाती है।
- प्रायोगिक परीक्षा (20 अंक) में आपको 7 अंक पाने होंगे।
जिलों का प्रदर्शन और शीर्ष स्थान
राज्य भर में परिणामों की गहराई में जाने पर जिलों के बीच खास फर्क दिखता है। सबसे ऊपर झुंझुनू का जिला है, जहाँ पास प्रतिशत 97.77% तक पहुंचा। यह सच्ची उपलब्धि है। इसके ठीक नीचे दाऊसा (94.70%) और चुரு (94.46%) शामिल हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि कुछ इलाकों में भी संघर्ष जारी है। कोटा जिले में पास दर सबसे कम 89.25% रिकॉर्ड की गई है। चित्तौड़गढ़ (93.06%), डीडवाना (92.61%) और बुंदी (90.21%) भी अपनी स्थिति बनाए रखने की कोशिश में हैं। कुल मिलाकर 27,678 छात्रों को supplementary exams के लिए चुना गया है।
रीज़ल्ट चेक करने की प्रक्रिया
अगर आप अभी अपने रिजल्ट खोज रहे हैं, तो वेबसाइट्स स्पष्ट रूप से बताती हैं कि क्या करना है। ऑफ़िशियल पोर्टल्स rajeduboard.rajasthan.gov.in या rajresults.nic.in पर जाकर आप अपना स्कोर कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। लॉगिन करने के लिए आपको आवेदन संख्या और जन्म तिथी की आवश्यकता होगी। PDF को सेव करके प्रिंट निकालना मत भूलें, क्योंकि भविष्य की एडमिशन में यह जरूरत पड़ेगी।
Frequently Asked Questions
यदि कोई विद्यार्थी किसी विषय में फेल होता है तो?
अगर कोई छात्र किसी एक विषय में 33% अंक नहीं ला पाता है, तो वह कॉम्पार्टमेंट या सुप्लीमेंटरी परीक्षा लिख सकता है। पास हो जाने पर उन्हें अगली कक्षा में जाने दिया जाता है, अन्यथा वर्ग दोहराना पड़ता है।
पास करने के लिए कुल कितने अंक चाहिए?
कुल अधिकतम अंक 600 हैं। इसलिए आपको कुल 198 अंक प्राप्त करने चाहिए। लेकिन शर्त यह है कि हर विषय में अलग से 33% (26+7 का संयोजन) मिलना अनिवार्य है।
कौन सा जिला सबसे अच्छा प्रदर्शन कर रहा है?
2026 के परिणामों में झुंझुनू जिला सबसे शीर्ष पर रहा जिसने 97.77% पास प्रतिशत हासिल किया। दूसरे स्थान पर दाऊसा और चुരു जैसे जिले का प्रदर्शन भी प्रशंसनीय रहा।
लड़कियों और लड़कों के बीच अंतर क्या है?
इस साल लड़कियों का पास प्रतिशत 94.20% रहा जबकि लड़कों का 93.63% रहा। पिछले कई वर्षों से यह रुझान जारी है कि लड़कियां कक्षा 10वीं में लड़कों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
15 टिप्पणि
यह जानकारी सभी विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी।
लड़कियों ने इस बार बहुत अच्छी प्रगति की है।
आंकड़े थोड़े वृद्धि लगते हैं पास प्रतिशत असामान्य रूप से अधिक ग्रामीण क्षेत्र अभी पीछे हैं
इस प्रकार का शैक्षिक सुधार समाज के लिए अत्यंत लाभप्रद सिद्ध होता है।
राजस्थान के बोर्ड ने सचमुच मेहनत की है। परिणाम देखने में बहुत खुशी आ रही है। हमें पुरस्कारों से अधिक सीख पर ध्यान देना चाहिए। प्रत्येक छात्र को अपनी योग्यता का सम्मान मिलना चाहिए। शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना भी जरूरी है। माता पिता के समर्थन का भी यहाँ मान लेते हैं। जिलों में हुए अंतर को ध्यान से देखना होगा। झुंझुनू का प्रदर्शन सबके लिए प्रेरणादायक है। कोटा में फिर से सुधार की आवश्यकता स्पष्ट है। सप्लीमेंटरी पेपर का इंतज़ाम भी व्यवस्थित रहा है। विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार होना चाहिए। प्रतियोगिता के साथ सहयोग भी बढ़ाना पड़ेगा। न्यायिक और शैक्षणिक दोनों क्षेत्रों में उन्नति हो रही है। सरकार को इसके लिए कudos देने चाहिए। आगे के वर्षों में इससे बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।
शिक्षा का यह साक्षात दर्शन है जो भविष्य का दीपक जलाता है।
यह स्थिति वास्तव में बहुत ही गहरे अर्थों में वर्णनीय है। हमें इसका विस्तृत विश्लेषण करना अत्यंत आवश्यक है। शैक्षिक नीतियों में हुई बदलावों का असर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। राज्य के हर कोने में यह पहुँच बन गई है। अब तक की तुलना में यह काफी उच्च स्तर पर खड़ा है। सामाजिक न्याय का पहलू भी यहाँ बहुत प्रमुख है। लड़कियों ने जो किया है वह इतिहास रचता है। उनके प्रयासों को हमें कभी नहीं भूलना चाहिए। शिक्षकों ने जिस कड़ी मेहनत की उसकी प्रासंगिकता अभी भी बनी हुई है। आने वाले दिन में यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए रोड मैप बन सकता है। हमें इस सफलता का पूरा फायदा उठाकर आगे बढ़ना चाहिए। परिवर्तन की यह मिसाल हर किसी के लिए प्रेरणा है। आज का यह परिणाम कल की सफलता की नींव रखता है। हमें इसे संरक्षित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। समाज केवल तभी विकसित हो सकता है जब शिक्षा में हो।
ye sab jhut hai system corrupt hai rich kids ke liye sab easy hai
अगर कोई फेल हुआ है तो हौसला न टूटे क्योंकि दूसरा मौका मिलेगा।
बात बहुत ठीक कह रहे हो सब को समझने दो समय मिलेगा फिर से लिखने का
डाटा में कुछ छिपा है जो सामने नहीं आ रहा है मुझे शक है कि यह सिर्फ एक तरफ की बात है
बहुत अच्छी खबर है 🎉 सबको मिलती बधाई हो 👏 खुशियाँ मनाओ 🎈
सिलेबस हार्ड था पढ़ाई महीना लगा फिर भी पास हो गए बड़ा काम है
मैं सोचता हूँ की ये रिजल्ट्स सचमे सच हैं लेकिन कुछ लोगो को डाउट रहता है वे भी जांच सकते हैं
मैंने पहले भी कहा था कि जिलों के बीच अंतर कम होते जाएंगे यह सिर्फ डेटा नहीं है एक योजना है
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