ट्रेडिंग कर रहे हैं या निवेश की योजना बना रहे हैं? छुट्टियों का कैलेंडर जानना जरूरी है। छुट्टियों में एक्सचेंज बंद रहते हैं, ऑर्डर नहीं लगते और कुछ मामलों में सेटलमेंट शेड्यूल बदल सकता है। नीचे सरल भाषा में बताता हूँ कि क्या ध्यान रखें और कैसे तैयारी करें।
भारत में राष्ट्रीय और धार्मिक छुट्टियाँ आमतौर पर बाजार बंद रहने की वजह होती हैं। आमतौर पर शामिल हैं — गणतंत्र दिवस, होली, दीवाली/लक्ष्मी पूजा, ईद, महात्मा गांधी जयंती और क्रिसमस। हर साल तारीखें बदलती हैं, इसलिए 2025 के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के लिए NSE और BSE की वेबसाइट चेक करें।
इन छुट्टियों का असर सरल है: बजार बंद = शेयरों की खरीद‑बिक्री नहीं। पर कुछ चीजें याद रखें — वैश्विक बाजार खुले रह सकते हैं, इसलिए निफ्टी फ्यूचर्स या विदेशी मार्केट इंट्राडे संकेत सुबह थोड़ी हलचल दिखा सकते हैं। अगले खुले दिन गेप बन सकता है, खासकर जब विदेशी बाजारों में महत्वपूर्ण खबर आई हो।
एक और जरूरी चीज़ — भारत में सेटलमेंट साइकिल T+1 लागू है। इसका मतलब है कि बेचने के बाद पैसे और शेयर तेजी से क्लियर होते हैं, पर किसी भी छुट्टी सेटलमेंट शेड्यूल को प्रभावित कर सकती है। एक्सचेंज की आधिकारिक सूचनाएँ पढ़ना बेहतर रहता है।
अंत में, हर साल की आधिकारिक छुट्टियों की सूची बदल सकती है। इसलिए लंबे‑अवधि के निवेशक शांत रहें और योजनाबद्ध व्यवहार रखें। ट्रेडर? प्लान बनाइए, अलर्ट सेट करिए और छुट्टियों से पहले जोखिम कम कर लीजिए। चाहें तो अपने ब्रोकरेज के नोटिफिकेशन और NSE/BSE के अपडेट रोज़ चेक कर लें—यह सबसे सरल और काम की आदत है।
अगर आप चाहें तो मैं 2025 के प्रमुख तारीखों की एक चेकलिस्ट बना कर दे सकता हूँ या बताऊँ कहाँ से आधिकारिक कैलेंडर डाउनलोड करें। बताइए किस तरह की-सूची आप चाहते हैं — सामान्य छुट्टियाँ या बॉन्ड/एफओ/म्यूचुअल फंड से जुड़ी तारीखें?
शेयर बाजार की छुट्टियां 2025: 31 मार्च को बंद रहेगा, 1 अप्रैल को खुलेगा
भारतीय शेयर बाजार 31 मार्च 2025 को ईद-उल-फितर के अवसर पर बंद रहेगा, लेकिन 1 अप्रैल को फिर से खुल जाएगा। इस साल कुल 14 छुट्टियां घोषित हैं, जिनमें महत्वपूर्ण तारीखें जैसे होली, स्वतंत्रता दिवस, दिवाली और क्रिसमस शामिल हैं। 1 अप्रैल को सामान्य ट्रेडिंग होगी, और अगली छुट्टी 10 अप्रैल को श्री महावीर जयंती पर है।