Deadline extension: समय सीमा कैसे और कब बढ़ाएँ

कभी-कभी काम समय पर पूरा नहीं होता — बीमारी, तकनीकी दिक्कत या ज़रूरी दस्तावेज न मिलने जैसी वजहें हो सकती हैं। ऐसे में डेडलाइन बढ़वाना शर्मिंदगी नहीं, समझदारी है। सही तरीका अपनाएँ तो न सिर्फ आप काम बचा पाएँगे, बल्कि भरोसा भी कायम रहेगा।

कब एक्सटेंशन माँगे?

पहले यह तय कर लें कि क्या वाकई एक्सटेंशन जरूरी है। अगर आप 24-72 घंटे में काम पूरा कर सकते हैं तो छोटी सूचित देरी बेहतर रहती है। पर यह माँग करें जब:

  • अप्रत्याशित बाधा आई हो (स्वास्थ्य, तकनीकी या बाहरी देरी)
  • किसी तीसरे पक्ष से जानकारी या अनुमोदन का इंतजार हो
  • गुणवत्ता गिरने का खतरा हो अगर जल्दबाजी में काम पूरा करेंगे

किसी भी अनुरोध से पहले वैकल्पिक समाधान सोच लें — क्या हिस्सा दे सकते हैं? क्या प्राथमिकता बदलकर जल्दी हिस्सा दे सकते हैं?

एक अच्छा अनुरोध कैसे लिखें (स्टेप बाय स्टेप)

साफ, सीधे और विनम्र रहें। अनुरोध में यह होना चाहिए: समस्या का छोटा स्पष्ट कारण, मांगी गई नई तारीख, और आप किस तरह पूरा करेंगे। जितना असल बतायेंगे उतना भरोसा बढ़ेगा।

सुनिश्चित करें कि आप पहले ही कोशिश कर चुके हैं और अब बस समय की जरूरत है। यदि संभव हो तो कोई माइलेज दे दें — जैसे आंशिक डिलीवरी या रिव्यू मीटिंग ऑफर करना।

नमूना ईमेल (फॉर्मल):

विषय: प्रस्तावित डेडलाइन एक्सटेंशन – [परियोजना/टास्क का नाम]

नमस्ते [नाम],

मुझे यह बताना है कि आगामी प्रस्तुति/डिलीवरी (तारीख: [मौजूदा तारीख]) तैयार करते समय हमें अप्रत्याशित समस्या आई—[संक्षेप कारण]। गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मैं अनुरोध करता/करती हूँ कि डेडलाइन [नई तारीख] तक बढ़ाई जाए।

मैं अभी तक जो तैयार कर चुका/चुकी हूँ, उसका हिस्सा भेज रहा/रही हूँ और बचे हिस्से पर मैं इस नई तारीख तक पूरा कर दूँगा/दूंगी। कृपया बताइए क्या यह संभव है।

धन्यवाद,
[आपका नाम]

नमूना (अनौपचारिक):

हाय [नाम],

छोटी सी दिक्कत आ गई है—क्या क्या तारीख [नई तारीख] ठीक रहेगी? मैं पहले वाला भाग भेज चुका/चुकी हूँ।

शुक्रिया,
[आप]

अनुरोध के बाद फॉलो-अप 48 घंटे में न भूलें। यदि हाँ मिलता है तो तात्क्षण प्रमाण दें (जैसे नया शेड्यूल भेजें)। ना मिलने पर वैकल्पिक योजना पूछें।

छोटी चेकलिस्ट:

  • कारण स्पष्ट और सच लिखें
  • नई यथार्थ तारीख दें
  • विकल्प या आंशिक डिलीवरी बताएं
  • प्रोफेशनल और समय पर फॉलो-अप करें

एक आखिरी बात: ईमानदारी और समाधान केंद्रित रवैया बेहतर प्रभाव डालता है। समय माँगना बुरा नहीं—गलत तरीका अपनाना और भरोसा खोना बुरा है। सही शब्दों और कार्रवाई से आप डेडलाइन बढ़वाकर काम भी बचा सकते हैं और रिश्ते भी नहीं खोएँगे।

आयकर ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तारीख अब 7 अक्टूबर: आपको क्या जानना चाहिए

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आयकर विभाग ने मूल्यांकन वर्ष 2023-24 के लिए ऑडिट रिपोर्ट जमा कराने की अंतिम तारीख को 30 सितंबर 2024 से बढ़ाकर 7 अक्टूबर 2024 कर दिया है। इस निर्णय के पीछे ई-फाइलिंग पोर्टल में तकनीकी समस्याएं मुख्य कारण रही हैं। यह विस्तार उन सभी करदाताओं पर लागू होगा जिनके लिए आयकर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2024 है।