आईपीओ यानी Initial Public Offering — जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम निवेशकों को बेचती है। इससे कंपनी को पैसा मिलता है और आप छोटे हिस्सेदार बन जाते हैं। सोच रहे हैं कि इसमें फायदा है या जोखिम? दोनों हैं। सही जानकारी के बिना कूदना सही नहीं रहता।
यह पेज आपको सरल भाषा में बताएगा कि आवेदन कैसे करें, किस वक्त ध्यान रखें, और किन बातों से सावधान रहें। खासकर अगर आप नया निवेशक हैं तो ये बातें काम आएंगी।
सबसे आम तरीका ASBA है — बैंक अकाउंट में पैसा ब्लॉक होता है, पर तब तक बांटा नहीं जाता जब तक शेयर अलॉट न हों। अब ज्यादातर ब्रोकरेज ऐप और बीएसई/एनएसई के माध्यम से UPI के जरिए भी आवेदन मिलता है। स्टेप बाय स्टेप:
1) डीमैट अकाउंट और बैंक अकाउंट लिंक रखें। 2) ब्रोकरेज ऐप या बैंक नेटबैंकिंग में "IPO" सेक्शन खोलें। 3) कंपनी और अंकित प्राइस रेंज चुनें। 4) शेयर की संख्या और भुगतान मोड (ASBA/UPI) चुनें। 5) ऑर्डर कन्फर्म करें — अगर ASBA है तो अमाउंट ब्लॉक होगा, UPI में भुगतान ऑथेंटिकेट होगा।
इश्यू की तारीख, क्लोजिंग, रिटेल कोटा और लॉट साइज की जानकारी हमेशा चेक करें। छोटे-छोटे लॉट में निवेश करने से जोखिम कम होता है।
जीएमपी (Grey Market Premium) बताता है कि बाजार में IPO का प्री-बोर्डिंग भाव क्या है। ये संकेतक है, गारंटी नहीं। सब्सक्रिप्शन बताता है कितनी बार मांग हुई — 1x मतलब पूरा आवंटन मिल सकता है, 5x मतलब औसतन 20% को ही अलॉट किया जा सकता है (रिटेल के बीच)।
अलॉटमेंट के बाद अगर शेयर मिलते हैं तो आपकी डीमैट में आ जाते हैं; नहीं मिले तो ASBA में ब्लॉक पैसा अनब्लॉक हो जाएगा। अलॉटमेंट स्टेटस कंपनी की वेबसाइट या ब्रोकरेज ऐप पर चेक कर सकते हैं।
कुछ IPO में लॉक-इन पीरियड होता है — प्रमोटर्स या बड़े निवेशक शेयर बेच नहीं सकते। यह कंपनी की दीर्घकालिक स्थिरता का संकेत भी हो सकता है।
क्या तुरंत बेचना चाहिए? कुछ लोग लिस्टिंग डे पर प्रॉफिट निकाल देते हैं, कुछ लंबी अवधि के लिए रखते हैं। निर्णय कंपनी की फंडामेंटल, वैल्यूएशन और आपकी निवेश रणनीति पर निर्भर होना चाहिए।
जोखिम मत भूलिए: IPO का प्राइस कभी-कभी ज्यादा ऊँचा रखा जाता है। नई कंपनियों का बिजनेस मॉडल कभी-कभी अपेक्षा के मुताबिक परफॉर्म नहीं करता। इसलिए केवल हाइप पर मत जाइए — बैलेंस्ड निर्णय लें।
तेज़ टिप्स:
- प्रोस्पेक्टस/Z-शिट (DRHP/Red Herring) पढ़ें — रिवेन्यू, प्रोफ़िट, कर्ज और उपयोग-ऑफ-प्रोसीड्स देखें।
- रिटेल कोटा/क्वांटिटी और लॉट साइज समझें — बिनाहोंने गलत शेयर मांगने पर अलॉटमेंट नहीं मिलेगा।
- किसी ब्रोकरेज पर निर्भर न रहें; अलग-अलग स्रोतों से जानकारी मिलाएं।
आईपीओ स्मार्टली करना है तो योजना बनाइए — छोटा हिस्सेदारी, रिस्क मैनेजमेंट और समय पर जानकारी। अगर चाहें, साइट पर मौजूद हालिया IPO रिपोर्ट (जैसे इंवेंट्यूरस नॉलेज सॉल्यूशंस) और मार्केट हॉलिडे नोटिस देखिए — ये रियल टाइम निर्णय में मदद करेंगे।
किसी खास IPO पर सलाह चाहिए? बताइए कौन सी लिस्टिंग देखें और मैं उस कंपनी के बुनियादी बातें आसान भाषा में बताऊँगा।
वेयर एनर्जीज़ का आईपीओ धमाकेदार लॉन्च: 56% प्रीमियम के साथ बंद हुए शेयर
वेयर एनर्जीज़ ने 28 अक्टूबर 2024 को शेयर बाज़ार में शानदार शुरुआत की, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 69.66% प्रीमियम पर लिस्टिंग हुई। लिस्टिंग के बावजूद, दिन के अंत में शेयर कीमतों में थोड़ी गिरावट देखी गई, परंतु शेयर 56% प्रीमियम पर बंद हुए। सभी निवेशकों ने विशेषकर संस्थागत निवेशकों ने 76.4 गुना की सब्सक्रिप्शन दिखाई। आईपीओ का मूल्य सीमा ₹1,427-₹1,503 पर तय किया गया था।
नॉर्थर्न आर्क कैपिटल के शेयर्स सूचीबद्ध, धूमधाम के साथ IPO बिडिंग लेकिन ग्रे मार्केट प्रीमियम से कम
नॉर्थर्न आर्क कैपिटल के शेयर्स का शेयर बाजार में जोरदार आगाज हुआ, जो 33.5% के प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुए। हालांकि, ग्रे मार्केट के अनुमान से यह कम था, जहां शेयर 50% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे। आईपीओ को 110.71 गुना ज्यादा सब्सक्राइब किया गया था, जिसमें संस्थागत निवेशकों और व्यक्तिगत निवेशकों की प्रमुख भागीदारी रही।