लू (Heatwave) — तुरंत पहचानें और सुरक्षित रहें

गर्मी जब ज़्यादा बढ़े तो लू का खतरा बढ़ जाता है। पसीना आना सामान्य है, लेकिन लू (heatwave) तब खतरनाक होता है जब शरीर का तापमान खुद से कम नहीं हो पाता। छोटी-छोटी सावधानियों से आप और आपके घरवाले सुरक्षित रह सकते हैं। नीचे आसान, तुरंत लागू होने वाले कदम दिए गए हैं।

लक्षण — कब सतर्क हों

लू के शुरुआती संकेतों को पहचान लें। आम लक्षण हैं तेज पसीना, कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, जी मिचलाना, ठंडा या गीला पसीना (heat exhaustion)। जब हालत गंभीर हो तो त्वचा गर्म और सूखी हो सकती है, पेशेंट चक्कराए, उलझन हो, बोलने में दिक्कत या बेहोशी हो — ये हीटस्ट्रोक के संकेत हैं। अगर शरीर का तापमान बहुत तेज़ी से बढ़े या चेतना कम हो, तो तुरंत मेडिकल मदद लें।

तुरंत करने योग्य कदम और घरेलू इलाज

अगर कोई व्यक्ति लू का शिकार दिखे तो पहले उसे छाँव या ठंडी जगह पर ले जाएँ। कपड़े ढीले करें और सूती कपड़े पहनाएं। गुनगुना पानी या इलेक्ट्रोलाइट दे कर हाइड्रेट करें — प्यास लगने तक इंतजार न करें। घर पर सरल ORS: 1 लीटर पानी, 6 चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक मिलाएँ।

बॉडी ठंडा करने के लिए गीले कपड़े या ठंडे पानी से कपड़ा सेक कर गर्दन, बगल और जबड़ों पर रखें। अगर संभव हो तो ठंडी पानी से स्नान कराएँ या स्प्रे पंखे का उपयोग करें। बर्फ सीधे त्वचा पर न रखें — एक कपड़े में लपेट कर ही रखें।

दवा बिना डॉक्टर कहे नहीं दें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को। अगर चौंकाने वाले लक्षण जैसे बेहोशी, दौरे, तेज़ दिल की धड़कन, साँस लेने में दिक्कत दिखे तो एंबुलेंस या नज़दीकी अस्पताल चलाएं।

रोकथाम सबसे असरदार है। रोज़ाना पर्याप्त पानी पीएं—पानी, नारियल पानी या हल्का छाछ बेहतर है। बाहर निकलना ज़रूरी हो तो सुबह पहले या शाम को जाएँ, दोपहर की तेज़ धूप से बचें। हल्का, ढीला और हल्के रंग के कपड़े पहनें। शराब और ज़्यादा कैफीन से बचें — ये शरीर को और ड्राय कर देते हैं।

घर को ठंडा रखने के सरल उपाय: खिड़कियाँ सुबह बंद रखें और शाम को खोलें, गीले पर्दे या पंखे से हवा कमर जारी रखें। अगर एसी नहीं है तो गीला तौलिया फैन के सामने लटका दें — यह ताप कम करने में मदद करता है।

खास ध्यान दें: बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएँ और पहले से बीमार लोग अधिक संवेदनशील होते हैं। अपने मोहल्ले में एक-दूसरे की खबर लें—अगर किसी पड़ोसी की स्थिति ठीक न लगे तो मदद पहुंचाएँ।

मौसम की चेतावनियाँ देखें और गर्मी की लहर के दिनों में अनावश्यक बाहर न जाएँ। छोटे-छोटे कदम अपनाकर आप लू के खतरों से काफी हद तक बच सकते हैं। जरूरत लगे तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और आंधी-बारिश का दोहरा मौसम, 20 मई तक राहत की संभावना नहीं

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और आंधी-बारिश का दोहरा मौसम, 20 मई तक राहत की संभावना नहीं

मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण लू और अचानक होने वाली आंधी-बारिश की दोहरी मार झेल रहा है। तापमान 33°C से 44°C के बीच है। विशेषज्ञों के मुताबिक, 20 मई तक यही हालात बने रहेंगे। नागरिकों को घर से निकलने में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।